हरियाणा बुजुर्गों की पेंशन कटौती को लेकर सियासी पारा चरम पर है। पेंशन कटौती को लेकर आज सोनीपत में जिला पार्षद और उनके साथियों ने अनोखा प्रदर्शन किया। जिला पार्षद संजय बड़वासनी अपने शरीर को बेड़ियों से बांधकर लघु सचिवालय पहुंचे। इस प्रदर्शन में उनका साथ उन बुजुर्गों ने भी दिया जिनकी पेंशन काटी गई। बुजुर्ग महिला एवं पुरुषों ने सरकार से लगाई दोबारा पेंशन बहाली की गुहार लगाई है।
साथ ही जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने सरकार को अल्टीमेटम भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर बुजुर्गों के सम्मान पर कोई ठेस पहुंची तो सरकार के किसी भी शख्स को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। यह पेंशन नहीं बल्कि बुजुर्गों के सम्मान की राशि है जिसपर सरकार डाका दाल रही है।
वहीं, हाल में ही केंद्र सरकार ने संसद को बताया था कि देश में कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (ईपीएस-95) के तहत 9,000 रुपये से कम पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगियों की कुल संख्या 47.04 लाख है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ईपीएस-95 के तहत वर्तमान में पेंशनभोगियों की कुल संख्या 82,11,182 है।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा था, ''ईपीएस-95 योजना के तहत 9,000 रुपये से कम पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनभोगियों की कुल संख्या 47,04,270 है।'' उन्होंने सदन को बताया था कि श्रमिक संगठनों और जन प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारकों से इस योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को मौजूदा 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाने के लिए अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं।
कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। कर्मचारी पेंशन कोष में नियोक्ता द्वारा वेतन का 8.33 प्रतिशत अंशदान और केंद्र सरकार द्वारा 15,000 रुपये प्रति माह तक के वेतन पर 1.16 प्रतिशत अंशदान शामिल है। (Input With PTI)
Report- Sunny Malik
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